Shivangi Prajapati
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मुँहासे के प्रमुख कारण और लक्षण क्या हैं? जानें उपचार और कुछ ख़ास टिप्स

मुँहासे (एक्ने) एक आम त्वचा समस्या है, जो हार्मोनल बदलाव, गलत खानपान और स्किन केयर की कमी से होती है। इस लेख में जानें मुँहासे के प्रमुख कारण, लक्षण, प्रभावी उपचार और स्वस्थ त्वचा के लिए खास टिप्स।

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अगर आपकी त्वचा तैलिये (Oily) और आपकी आयु 17 -21 वर्ष के बीच है, तो आप मुँहासे (Acne/Pimples) की समस्या से ज़रूर जूझ रहे होंगे | पर मुँहासे होने के लिए ये ज़रूरी नहीं कि आपकी उम्र 17 -21 के बीच ही हो | ये किसी भी उम्र में निकल सकते हैं |

क्या होते हैं मुँहासे ?

त्वचा (Skin) से सम्बंधित अनेक रोगों में से एक है मुंहासों की समस्या | वैसे तो यह एक आम समस्या है, पर अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाए, तो परेशानी काफी बढ़ सकती है | मुँहासे ज्यादातर ऑयली स्किन वाले लोगों को परेशान करते हैं, क्योंकि उनकी त्वचा से तेल का स्त्राव (Oil Secretion ) ज्यादा होता है जिसे हम सीबम (Sebum) भी कहते हैं | सीबम का काम है आपकी स्किन को मॉइस्चराइज़ रखना और ज्यादा ड्राई होने से बचाना |

एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) प्रॉपर्टीज होने के कारण सीबम आपकी त्वचा का पहला सुरक्षा कवच है और किसी भी तरह के इन्फेक्शन से लड़ता है | पर जब त्वचा में सीबम का उत्पादन ज्यादा होने लगे, तो त्वचा का फैलाव कम हो जाता है | आपके रोम छिद्र (Skin Pores) ब्लॉक हो जाते हैं और ऑइल उसी जगह पर रुक या जम जाता है | जिसकी वजह से उस जगह पर मुँहासे निकल आते हैं |

क्या हैं मुँहासे के लक्षण ?

मुँहासे ज़्यादातर हमारे शरीर के उस हिस्से पर होते हैं जहां की त्वचा ज्यादा ऑयली होती है जैसे गर्दन, चेहरा, पीठ, छाती और कंधें | मुँहासे के लक्षण इस प्रकार हैं –

  • बंद स्किन पोर्स जिसकी वजह से वाइट हेड्स (White Heads) की समस्या होती है
  • काले रंग के छोटे छोटे मुँहासे (Blackheads)
  • पानी या पस से भरे गहरे मुँहासे
  • बड़े बड़े लाल रंग के सिस्ट (Cyst)

मुँहासे के कारण

वैसे तो मुँहासे कई वजहों से होते हैं पर हमारा खानपान और लाइफस्टाइल भी काफी हद तक इनके लिए ज़िम्मेदार है | इनके अलावा इन वजहों से भी मुहांसों की समस्या होती है –

  • हार्मोन में बदलाव

हमारे शरीर में एण्ड्रोजन (Androgen) हार्मोन का लेवल जब बढ़ जाता है तो Sebacious Gland का साइज़ भी बढ़ जाता है | जिसकी वजह से सीबम भी ज़्यादा रिलीज़ होता है और हमारे रोम छिद्र को ब्लॉक कर देता है, और उसी जगह पर मुँहासे निकलते हैं |

  • हेरीडिटी

मुँहासे हेरीडिटी से भी हो सकते हैं | अगर आपके माता या पिता को भी मुँहासे की समस्या रहती थी तो हो सकता है कि आपको भी इस समस्या से जूझना पड़े |

  • मेकअप और कॉस्मेटिक का उपयोग

मेकअप करना भला किसे अच्छा नहीं लगता ? पर हम ये भूल जाते हैं कि इन मेकअप या कास्मेटिक के प्रोडक्ट्स में भारी मात्रा में केमिकल यूज़ होता है | ये केमिकल्स हमारी त्वचा के लिए हनिकारक होते हैं | इन केमिकल्स की वजह से भी मुँहासे निकल आते हैं |

  • ज़्यादा मीठा और ऑयली खाना खाने से

जंक फ़ूड, यानि की पिज़्ज़ा, बर्गर, पेस्ट्री आदि खाने से, ज़्यादा ऑयली या मसालेदार (Spicey) खाना खाने से भी मुँहासे आते हैं |

  • बैक्टीरिया (Bacteria) और इन्फेक्शन (Bacteria and Infection)

धूप, धूल, मिट्टी, धुआं, पोल्लुशण (Pollution) आदि भी मुँहासे के कारण हैं | इनके संपर्क में आने से त्वचा पर बाहरी बैक्टीरिया और जर्म्स हमला कर देते हैं जिसकी वजह से भी पिम्पल्स होते हैं |

  • डैंड्रफ (Dandruff) की समस्या

अगर आप डैंड्रफ की समस्या से जूझ रहे हैं तो तुरंत इनसे निजात पा लें, वरना मुँहासे की समस्या और भी बढ़ सकती है |

मुँहासे से बचाव एवं उपचार

बचाव (Tips for Prevention from Acne/Pimples)

बढ़ती उम्र (17-21) में हुए होमोर्मोनल चेंजेस, पोल्लुशन या फिर केमिकल्स की वजह से हुए मुँहासे को रोकना आसान तो नहीं है पर नामुमकिन भी नहीं है | अगर आप रोज़ाना इन उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो मुँहासे से निजात पा सकते हैं-

  • ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिएं
  • ताज़ा सब्जियां और फल अपनी डाइट (Diet) में शामिल करें
  • त्वचा को सुबह सो कर उठने के बाद और रात को सोने से पहले ज़रूर साफ़ करें
  • जेल बेस्ड क्लीन्ज़र (Gel Based Cleanser) का उपयोग करें
  • अगर आपको डैंड्रफ (Dandruff) की समस्या है, तो उसका इलाज करें
  • अपनी त्वचा को ज़रूर मॉइस्चराइज़ करें, पर ध्यान रहे कि आपका मॉइस्चराइज़र आपकी स्किन टाइप (Skin Type) के अनुसार हो
  • बार बार चेहरे को छूने से बचें
  • मुँहासे को कभी भी नाखूनों से न कुरेदें

उपचार (Treatment)

अगर मुँहासे घरेलु उपायों से भी घटने का नाम नहीं ले रहे और आपको काफी तकलीफ दे रहे हैं, तो आपको डॉक्टर के संपर्क में ज़रूर आना चाहिए | मुँहासे पोलिसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOS), डिसेमनोरिआ (Dysamenarhae) जैसी बिमारियों के भी लक्षण होते हैं | इसलिए अपने डॉक्टर को इन चीज़ों के बारे में ज़रूर बताएं, जैसे कि –

  • आपकी उम्र
  • किस तरह के मुँहासे से आप जूझ रहे हैं
  • अगर पहले कोई उपचार किया हो
  • अगर महिला हैं, तो आपका मासिक धर्म नियमित रूप से होता है या नहीं
  • आपकी फ़ूड हैबिट्स और दिनचर्या
  • किसी नए क्रीम या क्लीन्ज़र का उपयोग किया हो
  • किसी नयी दवा का सेवन किया हो
  • मुँहासे में दर्द, पस, पानी है या नहीं
  • इन सबके अलावा भी आपका डॉक्टर आपसे कई सवाल कर सकता है और उसी के ऊपर आपका उपचार भी निर्भर करेगा |
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